बैंकों के ऋण की वृद्धि दर घटकर 8.5% पर आने का अनुमान: इक्रा

एजेंसी ने कहा, ‘‘संकट को देखते हए कोई बांड बाजार में दाव लगाने को तैयार नहीं है

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

नई दिल्लीः बैंकों के ऋण में वृद्धि की दर पिछले वित्त वर्ष के 13.3 प्रतिशत से कम होकर चालू वित्त वर्ष में 8-8.5 प्रतिशत पर आ सकती है। रेटिंग एजेंसी इक्रा ने एक रिपोर्ट में यह कहा। इक्रा ने कहा कि बैंकों के ऋण की वृद्धि दर में कमी आने का मुख्य कारण चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में ऋण कारोबार ज्यादा नहीं बढ़ा है। 

एजेंसी ने कहा, ‘‘संकट को देखते हए कोई बांड बाजार में दाव लगाने को तैयार नहीं है, इससे बकाया बांडों में वृद्धि की सालाना दर इस दौरान करीब चार प्रतिशत पर आ सकती है जो पिछले साल 12 प्रतिशत थी।” म्यूचुअल फंड के नियमन में हुए हालिया बदलाव के कारण मार्च 2020 तक कमर्शियल पेपर से जुटाए जाने वाले कर्ज में भी गिरावट रह सकती है। 

इक्रा का अनुमान है कि कुल ऋण की वृद्धि दर इस दौरान 13.5 प्रतिशत से कम होकर 6.2-6.8 प्रतिशत पर आ सकती है। उसने कहा कि पिछले वित्त वर्ष के दौरान एनबीएफसी और एचएफसी जैसे बड़े कर्जधारकों के वित्तपोषण के लिए बैंकों पर निर्भर हो जाने से ऋण वृद्धि की दर में तेजी आई थी। हालांकि सुस्त आर्थिक वृद्धि दर, कर्जधारकों द्वारा परिचालन पूंजी की कम जरूरत आदि के कारण चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में ऋण कोरोबार में वृद्धि में कमी आई।

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Comments
Loading...

महिलाओं ने बाइक पर सवार होकर की 21 देशों की सफल यात्रा, कठिन चुनौतियों के बाद भी डिगा नहीं फैसला     |     CJI शरद अरविंद बोबडे ने कहा, बदले की भावना से किया गया इंसाफ न्‍याय नहीं     |     उन्नाव की बिटिया की मौत पर यूपी में सियासी बवाल, कांग्रेस ने घेरा भाजपा मुख्यालय; पुलिस ने फटकारी लाठी     |     दर्द से कराहती उन्नाव पीड़िता की हालत देख रो पड़े थे सारे डॉक्टर     |     SC पहुंचा हैदराबाद एनकाउंटर मामला, वकीलों ने पुलिस के खिलाफ दायर की याचिका     |     जिंदगी की जंग हार गई उन्नाव बलात्कार पीड़िता, आखिरी शब्द थे- बच तो जाऊंगी न, मरना नहीं चाहती     |     उन्नाव रेप पीड़िता की मौत के बाद भाई ने मांगा न्याय, कहा- बहन की तरह आरोपियों को भी जिंदा जलाओ     |     उन्नाव कांड: प्रियंका बोलीं- हमारी नाकामयाबी, पीड़िता को नहीं मिला न्याय     |     महिला डॉक्टर को 10 दिन में मिला इंसाफ, पिता बोले- अब मेरी बेटी की आत्मा को मिलेगी शांति     |     रामजन्मभूमि पर फैसले के खिलाफ मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड सुप्रीम कोर्ट में आज दाखिल करेगा रिव्यू पिटीशन     |