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Terror Funding पर मोदी सरकार का प्रहार, जम्मू-कश्मीर में चार जगहों पर NIA की छापेमारी

जम्मू कश्मीर में आतंकियों की कमर तोड़ने के लिए मोदी सरकार लगातार कार्रवाई कर रही है।

नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर में आतंकियों की कमर तोड़ने के लिए मोदी सरकार लगातार कार्रवाई कर रही है। घाटी में इसी सिलसिले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की कार्रवाई जारी है। उत्तर कश्मीर के बारामूला में टेटर फंडीग के मामले में एनआइए ने कई व्यापारियों के घर छापेमारी की है। इस दौरान पुलिस के साथ सीआरपीएफ की टीम भी मौजूद है। मिली जानकारी के मुताबिक, एनआइए ने अलगाववादी नेता सज्जाद लोन के करीबी व्यापारी आसिफ लोन, तनवीर अहमद, तारिक अहमद और बिलाल भट के घर पर जांच कर रही है।

गौरतलब है कि मंगलवार को  राष्ट्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियों ने नियंत्रण रेखा (एलओसी) के पार व्यापार करने वाले दो व्यापारियों के घरों पर छापेमारी की थी। यह छापेमारी पुलवामा और श्रीनगर जिलों में की गई थी।

टेरर फंडिंग के मामले की पड़ताल कर रही एनआईए ने गुलाम अहमद वानी के केलर स्थित आवास पर छापेमारी की थी। इस दौरान  कई महत्वपूर्ण कागज और अन्य सामान जब्त किए गए थे। बता दें कि इससे पहले भी एजेंसी के अधिकारियों ने कश्मीर के तमाम जिलों में अलगाववादी नेताओं और व्यापारियों के घर पर छापेमारी की थी।

जानकारी के लिए बता दें कि जमात-उद-दावा, दुखतारन-ए-मिल्लत, लश्कर-ए-तैयबा, हिजबुल मुजाहिदीन और जम्मू-कश्मीर के दूसरे अलगाववादी समूहों के खिलाफ फंड जुटाने को लेकर 2017 में मामला दर्ज किया गया था। इस संबंध में एनआइए ने 13 आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया था। जिसमें अलगाववादी नेता, हवाला कारोबारी और पत्थरबाज शामिल हैं। हाल ही में एनआईए ने दावा किया था कि कश्मीर घाटी में आतंकी और अलगाववादी गतिविधियां बढ़ाने के लिए पाकिस्तान से टेरर फंडिंग होती रही है। एनआइए ने हुर्रियत कॉन्फ्रेंस और कई अन्य अलगाववादी नेताओं से पूछताछ के बाद ही एनआइए ने यह दावा किया था।

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