डेली खाई जाने वाली 15 चीजें ही देती है कैंसर को बढ़ावा

बदलती हुई लाइफस्टाइल के कारण लोग कई तरह की बीमारियों के शिकार होते है

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बदलती हुई लाइफस्टाइल के कारण लोग कई तरह की बीमारियों के शिकार होते है जिसमें से सबसे गंभीर बीमारी है कैंसर। हर साल कैंसर के कारण कई लोग अपनी जान खो देते है। लोगों को लगता है कि कैंसर सिर्फ जंक फूड खाने से बढ़ता है लेकिन आज हम आपको कुछ ऐसी फूड आइटम्स के बारे में बताएंगे जिनके कारण भी आप कैंसर जैसी बिमारी के शिकार हो सकते हैं। आइए नजर डालते हैं उन्हीं चीजों पर…

सोडा

सोडे में न केवल चीनी की मात्रा अधिक होती है बल्कि यह कैंसर का कारण भी है। सोडे में पाए जाने वाले आर्टिफिशियल कलर में कार्सिनोजेनिक रसायन होता है जो कि कैंसर का मुख्य कारण है। सोडे की जगह पीने के लिए हमेशा पानी को ही चुने या फिर इसकी बजाय आप नारियल पानी पी सकते हैं।

ग्रिल रेड मीट

ग्रिल पर तेज तापमान पर बनाए हुए रेड मीट का स्वाद चाहे खाने में अच्छा हो सकता है लेकिन इसमें पाए जाने वाले हाड्रोकार्बन की अधिक मात्रा कैंसर का कारण बन सकती हैं।

माइक्रोवेव पॉपकॉन

बाजार में मिलने वाले बटर फ्लेवर पॉपकॉन माइक्रोवेव में बटर के साथ बनाए जाते है तो यह विषैले पदार्थ छोड़ते है जो कि कैंसर का कारण बनता है। इसकी जगह पर आप घर पर मक्की के दाने ला कर कुकर में इन्हें बड़ी आसानी से बना सकते हैं।

पैक किया हुआ खाना

टमाटर चाहे खाने के लिए बहुत ही सेहतमंद होते है लेकिन बाजार में मिलने वाली डिब्बा बंद टोमॉटो प्यूरी काफी हद तक कैंसर कारक सिद्ध हो रही है। डिब्बे में पैक खाने में बी.पी.ए नामक कैमिकल पदार्थ पाए जाते है जो कि सेहत के लिए काफी नुकसानदायक है।

मार्किट में मिलने वाला ऑयल

बाजार में मिलने वाले वेजिटेबल ऑयल को नेचुरल तरीके से नहीं बल्कि कैमिकल प्रोसेस के माध्यम से निकाला जाता है। जिससे इसमें कई तरह कैमिकल के साथ ओमेगा-6 फैट की मात्रा काफी बढ़ जाती है। जो आपकी सेहत के लिए बिल्कुल भी ठीक नहीं है।

कृषि वाली सैलमन मछली

सैलमन मछली प्रोटीन का काफी अच्छा स्त्रोत है लेकिन घर में व्यवसाय के लिए पाली जाने वाली सैलमन मछली सेहत के लिए अच्छी नहीं होती है। इसमें मछलियों को जल्दी बड़ा करने के लिए कैमिकल व कई तरह के रसायन खिलाए जाते है। वहीं जंगल या समुद्र से पकड़ी हुई सैलमन मछली खाने में काफी हेल्दी होती है।

आर्टिफिशियल शुगर

अपनी डाइट में खाने की मात्रा को कम करने के लिए आज अधिकतर लोग आर्टिफिशियल  शुगर लेते है जो कि सेहत के लिए बहुत ही हानिकारक है। इससे शरीर में डी.के.पी नाम के टॉक्सिन पैदा होते है जो आपके शरीर में ब्रेन ट्यूमर का कारण बनता है। इसकी जगह पर आप स्टीविया प्लांट के पत्तों का इस्तेमाल कर सकते हैं।

मैदा

मैदा बनाने के लिए आटे को एक रसायनिक प्रोसेस से निकाला जाता है जिससे उसके सारे ही पौषक तत्व खत्म हो जाते है। इसे सफेद रंग देने के लिए क्लोरीन गैस का इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए खाने में हमेशा आटे का इस्तेमाल करें।

रसायनयुक्त सब्जियां और फल

फल और सब्जियां सेहत के लिए बहुत ही फायदेमंद होती है लेकिन रसायन, कीटनाशक के साथ उगाई गई सब्जियां व फल सेहत के लिए बहुत ही नुक्सानदायक होती है। इसे खाने से शरीर में विषैले पदार्थ चले जाते है। इसकी जगह पर हमेशा जैविक खेती के माध्यम से उगाए गए फल व सब्जियां खानी चाहिए।

प्रोसेस्ड मीट

प्रोसेस्ड मीट में काफी मात्रा में नमक, कई तरह कैमिकल पाए जाते है ताकि खाना लंबे समय तक सही रहे। यह खाना देखने में तो अच्छा लगता है लेकिन सेहत के लिए बहुत ही हानिकारक होता है। इसकी जगह पर फ्रेश और आर्गेनिक मीट खाएं।

आलू चिप्स

आलू चिप्स् को फ्राइड करने के कारण इसमें काफी ट्रांस फेट पाया जाता है। वहीं इसका टेस्ट बढ़ाने और लंबे समय तक सही रखने के लिए नमक का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें कई तरह के प्रिजर्वेटिव और आर्टिफिशियल कलर पाए जाते हैं जो कि सेहत के लिए काफी हानिकारक होते है।

शराब

सर्च की मानें तो शराब का सेवन करने से सिर, गर्दन, ब्रेस्ट, लिवर का कैंसर हो सकता है। इसलिए शराब का सेवन नहीं करना चाहिए। अगर आप कर भी रहे है तो एक बार में महिला को 3 व पुरुष को 4 से अधिक ड्रिंक्स नहीं लेनी चाहिए। वहीं अच्छी सेहत के लिए हफ्ते में महिलाओं को 7 व पुरुषों को 14 से अधिक ड्रिंक्स का सेवन नहीं करना चाहिए।

बाजार का बना मक्खन

बाजार में मिलने वाले अधिकतर मक्खन वेजिटेबल ऑयल के साथ बने होते है जिसमें काफी ज्यादा मात्रा में ट्रांस फैट पाया जाता है।

डाइट फूड

अपने वजन को कम करने के लिए आप मार्किट में मिलने वाले डाइट फूड का इस्तेमाल करती है तो यह आपकी सेहत के लिए आपकी नुक्सान दायक हो सकते है। इन्हें काफी समय तक सही रखने के लिए आर्टिफिशियल शूगर के साथ स्टोर किया जाता है। इसमें कई तरह के कैमिकल भी पाए जाते है। इसकी जगह पर आप फ्रेश खाना खाएं सेहत के लिए काफी लाभदायक होता है।

फ्रेंच फ्राइज

फ्रेंच फ्राइज में काफी मात्रा में ट्रांस फैट और नमक पाया जाता है जो कि कैंसर का कारण बनता है। इतना ही नहीं, इन्हें काफी अधिक तापमान पर बनाया जाता है । इसकी जगह पर बैक किए हुए फ्राइज को डाइट में शामिल किया जा सकता है।

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